शीशे के थे ख्वाब, पता लगा उनके टूटने के बाद
अब अक्सर आँखों में किरचें चुभती हैं
हर इंसान दिल का बुरा नहीं होता
हर इंसान बेवफा नहीं होता
अक्सर बुझता है चिराग अपनी गलतियों से
कसूर हर बार हवाओं का नहीं होता
इस क़दर मुरीद हो गए हम एक चेहरे के
कि आईने में भी अपनी सूरत नहीं दिखती
कैसे भुला देतें हैं लोग तेरी बनाई खुदाई या खुदा
हम तो तेरा बनाया एक शख्स भी ना भुला सके
क्यूँ कुछ सोच कर मै दिल अपना उदास करूँ
लोग याद करते हैं उतना, जितनी अहमियत होती है हमारी
अब अक्सर आँखों में किरचें चुभती हैं
हर इंसान दिल का बुरा नहीं होता
हर इंसान बेवफा नहीं होता
अक्सर बुझता है चिराग अपनी गलतियों से
कसूर हर बार हवाओं का नहीं होता
इस क़दर मुरीद हो गए हम एक चेहरे के
कि आईने में भी अपनी सूरत नहीं दिखती
कैसे भुला देतें हैं लोग तेरी बनाई खुदाई या खुदा
हम तो तेरा बनाया एक शख्स भी ना भुला सके
क्यूँ कुछ सोच कर मै दिल अपना उदास करूँ
लोग याद करते हैं उतना, जितनी अहमियत होती है हमारी
No comments:
Post a Comment