कोई अजनबी जब आता है उनकी महफ़िल में
एक शमा उसी दम जलाई जाती है
शमा जला कर उसी दम बुझाई जाती है
और धुएँ की टिमटिमाती लाट की तरफ उंगली उठाई जाती है
शमा जला कर शमा बुझा कर धुआं दिखा कर
वो कहतें है आने वाले से
खबरदार
यहाँ आशिकों की ऐसी हालत बनाई जाती है
एक शमा उसी दम जलाई जाती है
शमा जला कर उसी दम बुझाई जाती है
और धुएँ की टिमटिमाती लाट की तरफ उंगली उठाई जाती है
शमा जला कर शमा बुझा कर धुआं दिखा कर
वो कहतें है आने वाले से
खबरदार
यहाँ आशिकों की ऐसी हालत बनाई जाती है
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