इस क़दर कीमती तो ना थे मेरे चैन-ओ-सुकून फराज़
जिन्हें लूट कर ले गए वो, किसी खजाने की तरह
बड़ी गुस्ताख है आपकी याद ऐ फराज़
थोड़ी तमीज इसको सिखा दीजीये
बिना दस्तक दिए दरवाज़े पर
अक्सर मेरे दिल में आ जाती है
अल्फाज़ तो बहुत थे मोहब्बत के बयाँ को,फराज़
सोचा जो ज़ज्बात ना समझा वो अल्फाज़ क्या समझेगा
यह जो गुज़र रही है, नाम उसका जिंदगी है फराज़
वर्ना दिल और ज़ज्बात को गुज़रे ज़माना हो गया
वो मुझे भुलाने की धुन में है
ये उनकी जीत नहीं, हार है
चला जाऊँगा एक दिन उसे छोड़ कर उसके हाल पर
क्या थी मेरी कीमत, उसे मेरे बाद ज़माना बता देगा
उन्हें शक है, हम जान नहीं दे सकते उनकी खातिर
हमें डर है, बहुत रोयेंगे वो मुझे आजमाने के बाद
किसी से क्या गिला इस ज़माने में, ऐ फराज़
शायद हम उनकी मोहब्बत के काबिल ही ना थे
उनसे कहो ,फुरसत में याद करना है तो ना करे
हम तनहा ज़रूर हैं फ़राज़ पर फ़िज़ूल नहीं है
जिन्हें लूट कर ले गए वो, किसी खजाने की तरह
बड़ी गुस्ताख है आपकी याद ऐ फराज़
थोड़ी तमीज इसको सिखा दीजीये
बिना दस्तक दिए दरवाज़े पर
अक्सर मेरे दिल में आ जाती है
अल्फाज़ तो बहुत थे मोहब्बत के बयाँ को,फराज़
सोचा जो ज़ज्बात ना समझा वो अल्फाज़ क्या समझेगा
यह जो गुज़र रही है, नाम उसका जिंदगी है फराज़
वर्ना दिल और ज़ज्बात को गुज़रे ज़माना हो गया
वो मुझे भुलाने की धुन में है
ये उनकी जीत नहीं, हार है
चला जाऊँगा एक दिन उसे छोड़ कर उसके हाल पर
क्या थी मेरी कीमत, उसे मेरे बाद ज़माना बता देगा
उन्हें शक है, हम जान नहीं दे सकते उनकी खातिर
हमें डर है, बहुत रोयेंगे वो मुझे आजमाने के बाद
किसी से क्या गिला इस ज़माने में, ऐ फराज़
शायद हम उनकी मोहब्बत के काबिल ही ना थे
उनसे कहो ,फुरसत में याद करना है तो ना करे
हम तनहा ज़रूर हैं फ़राज़ पर फ़िज़ूल नहीं है